संस्थापक की कलम से

यह जान कर अत्यन्त प्रसन्नता की अनुभूति होने लगी कि क्षत्रिय कल्याण सभा , भिलाई नगर ने महाराणा प्रताप भवन के प्रथम सोपान का निर्माण कार्य पूरा कर लिया है और द्वितीय सोपान की ओर कदम बढ चुके हैं। समाज की वार्षिक पत्रिका "क्षत्रिय" के प्रथम और द्वितीय अंको को देखने का सुयोग भी मिला। विषय वस्तु, प्रस्तुतीकरण, साज-सज्जा, कलेवर आदि सभी दृष्टिकोणों से अपनी पत्रिका अच्छी और उपयोगी लगी। तृतीया अंक के लिये हमारी शुभकामनाएं आप लोगो के साथ हैं।यह संदेश भेजते समय अतीत की सारी स्मृतियां एक-एक कर मन को उकेरने लगी कि सन 1979 में जब क्षत्रिय संगठन की कल्पना भिलाई की इस्पात नगरी में साकार हो उठी और आप लोगो ने मुझे अध्यक्ष की आसन्दी पर बिठा दिया तो भविष्य के प्रति विश्वास जगाना मेरी प्राथमिकता बन गई। प्रारम्भिक कठिनाइयों के अनन्तर भी संस्था विकास के पथ पर बढती रही और आज क्षत्रिय कल्याण सभा का परचम अपनी मनचाही ऊंचाईयों पर बडी दृढता से लहरा रहा है। ये सारी उपलब्धियां समाज के सदस्यों की जागरुकता, लगनशीलता, एकता की बावना एअथा कुछ कर गुजरने की तमन्ना की परिचायक है।

मुझे पूर्ण विश्वास है कि हमारा संगठन क्षत्रिय धर्म का निर्वाह करते हुये जातीय एवं राष्ट्रीय एकता के सम्वर्द्धन में एक मील का पत्थर सिद्ध होगा।

समस्त शुभकामनाओं सहित

आपका अपना ही
दिग्विजय सिंह